रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के केदारनाथ धाम के रक्षक माने जाने वाले क्षेत्रपाल भूकुंड भैरव नाथ के कपाट शनिवार को पूजा-अर्चना और यज्ञ-हवन के साथ विधिपूर्वक खोल दिए गए। इससे एक दिन पहले, 2 मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे।
परंपरा के अनुसार, केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद आने वाले पहले मंगलवार या शनिवार (जो भी पहले आए) को भैरव नाथ के कपाट खोले जाते हैं। इसके साथ ही केदारनाथ धाम में नियमित आरतियां और प्रसिद्ध संध्या आरती की शुरुआत भी हो जाती है।
भैरव नाथ को केदारनाथ का रक्षक देवता माना जाता है और उन्हें भगवान शिव के परम भक्तों में सबसे शक्तिशाली बताया गया है। कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर मुख्य पुजारी बागेश लिंग, हक-हकूकधारी, और अन्य पुजारियों की उपस्थिति में भव्य पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन संपन्न हुआ। इस दौरान भैरव नाथ के पश्वा पर देवता अवतरित हुए और यात्रा की सफलता के लिए सभी को आशीर्वाद दिया गया।
2 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिला। पहले ही दिन 30,154 तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए, जिनमें 19,196 पुरुष, 10,597 महिलाएं और 361 बच्चे शामिल थे।
केदारनाथ धाम, चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा के पहले दिन से ही भक्तों में गहरी आस्था और उत्साह देखा जा रहा है।
इससे पहले 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे और अब रविवार को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।